स्प्रिट: इसका प्रयोग सेनिटाइजर के रूप में कर सकते हैं। चिकित्सक इसका प्रयोग इंजेक्शन लगाने के पहले स्किन साफ करने में करते हैं और यह संक्रमण से बचाता है। यह मेडिकल स्टोर पर सहजता से उपलब्ध रहता है।

एथिल एल्कोहल: यह एक बेहतर सेनिटाइजर है। इसमें सिर्फ पांच प्रतिशत पानी होता है इसलिए इसमें बीस से पच्चीस प्रतिशत अतिरिक्त पानी (उबालकर ठंडा किया हुआ) मिलाकर साफ शीशी में भर लें। यह संक्रमण से आपको सुरक्षित रखेगा। यह किसी भी मेडिकल स्टोर पर मिल जाता है।

लिक्विड सोप: साबुन का प्रयोग किसी भी वायरस की ऊपरी परत को तोड़ने में बहुत सक्षम होता है। बस ध्यान रहे कि जब भी हाथ धुलें तो कम से कम चालीस सेकेंड तक झाग बनाएं और फिर साफ पानी से धोने के बाद हाथों को साफ कपड़े से पोंछ लें ।

 

ध्यान देने योग्य

प्लास्टिक पर सबसे देर तक : अमेरिका के वायरस इकोलॉजी ऑफ रॉकी माउंटेन प्रयोगशाला के प्रमुख विंसेंट मुंस्टर के मुताबिक कोरोना सबसे ज्यादा देर तक प्लास्टिक पर रह सकता है जबकि सबसे कम देर तक हवा में रह सकता है।

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स्प्रिट: इसका प्रयोग सेनिटाइजर के रूप में कर सकते हैं। चिकित्सक इसका प्रयोग इंजेक्शन लगाने के पहले स्किन साफ करने में करते हैं और यह संक्रमण से बचाता है। यह मेडिकल स्टोर पर सहजता से उपलब्ध रहता है।

एथिल एल्कोहल: यह एक बेहतर सेनिटाइजर है। इसमें सिर्फ पांच प्रतिशत पानी होता है इसलिए इसमें बीस से पच्चीस प्रतिशत अतिरिक्त पानी (उबालकर ठंडा किया हुआ) मिलाकर साफ शीशी में भर लें। यह संक्रमण से आपको सुरक्षित रखेगा। यह किसी भी मेडिकल स्टोर पर मिल जाता है।

लिक्विड सोप: साबुन का प्रयोग किसी भी वायरस की ऊपरी परत को तोड़ने में बहुत सक्षम होता है। बस ध्यान रहे कि जब भी हाथ धुलें तो कम से कम चालीस सेकेंड तक झाग बनाएं और फिर साफ पानी से धोने के बाद हाथों को साफ कपड़े से पोंछ लें ।

 

ध्यान देने योग्य

प्लास्टिक पर सबसे देर तक : अमेरिका के वायरस इकोलॉजी ऑफ रॉकी माउंटेन प्रयोगशाला के प्रमुख विंसेंट मुंस्टर के मुताबिक कोरोना सबसे ज्यादा देर तक प्लास्टिक पर रह सकता है जबकि सबसे कम देर तक हवा में रह सकता है।

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डाक्‍टर ने बताया- जब न हो सेनिटाइजर, ये हैं वायरस से लड़ने के कारगर विकल्‍प

डाक्‍टर ने बताया- जब न हो सेनिटाइजर, ये हैं वायरस से लड़ने के कारगर विकल्‍प

  2020-03-19 09:03 am

दिल्ली ।Coronavirus: देश दर देश कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते स्वास्थ्य संस्थाओं की ओर से संक्रमण से बचने के लिए लगातार सावधानी बरतने को कहा जा रहा है। यह वायरस सबसे ज्यादा समय तक सतह पर बना रह सकता है और लोग बिना ऐहतियात बरते उसे छूकर शरीर में पहुंचाते हैं। पूरी दुनिया में खलबली मचाने वाले कोरोना वायरस (कोविड 19) के संक्रमण से बचने के प्रारंभिक उपाय के तौर पर सेनिटाइजर का प्रयोग तेजी से बढ़ा है।हर व्यक्ति के लिए महंगा सेनिटाइजर खरीदना अथवा इसकी उपलब्धता सहज नहीं है, पर इसका मतलब यह कतई नहीं कि आपको अपनी सेहत से समझौता करना पड़ेगा। जानें क्‍या कहते है कानपुर के एफजीके हास्पिटल केफिजी डॉ. मोहित मैथानी।

स्प्रिट: इसका प्रयोग सेनिटाइजर के रूप में कर सकते हैं। चिकित्सक इसका प्रयोग इंजेक्शन लगाने के पहले स्किन साफ करने में करते हैं और यह संक्रमण से बचाता है। यह मेडिकल स्टोर पर सहजता से उपलब्ध रहता है।

एथिल एल्कोहल: यह एक बेहतर सेनिटाइजर है। इसमें सिर्फ पांच प्रतिशत पानी होता है इसलिए इसमें बीस से पच्चीस प्रतिशत अतिरिक्त पानी (उबालकर ठंडा किया हुआ) मिलाकर साफ शीशी में भर लें। यह संक्रमण से आपको सुरक्षित रखेगा। यह किसी भी मेडिकल स्टोर पर मिल जाता है।

लिक्विड सोप: साबुन का प्रयोग किसी भी वायरस की ऊपरी परत को तोड़ने में बहुत सक्षम होता है। बस ध्यान रहे कि जब भी हाथ धुलें तो कम से कम चालीस सेकेंड तक झाग बनाएं और फिर साफ पानी से धोने के बाद हाथों को साफ कपड़े से पोंछ लें ।

 

ध्यान देने योग्य

  • दरवाजे के हत्थे और किसी भी तरह के कागज को हाथ लगाने के पहले व बाद में हाथ साफ करना न भूलें।
  • यदि कोई व्यक्ति संक्रमित है और खांसने व छींकने पर मुंह को नहीं ढक रहा तो यह वायरस छह फीट तक जा सकता है।
  • ऐसा भी संभव है कि किसी संक्रमित व्यक्ति के खांसने व छींकने के बाद सतह पर यह वायरस है तो दस मिनट से लेकर एक या दो घंटे तक यह संक्रमित कर सकता है।

प्लास्टिक पर सबसे देर तक : अमेरिका के वायरस इकोलॉजी ऑफ रॉकी माउंटेन प्रयोगशाला के प्रमुख विंसेंट मुंस्टर के मुताबिक कोरोना सबसे ज्यादा देर तक प्लास्टिक पर रह सकता है जबकि सबसे कम देर तक हवा में रह सकता है।

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