प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक रूप से संपन्न राजसमंद की स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफी

प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक रूप से संपन्न राजसमंद की स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफी

  2020-03-24 03:38 pm

राजसमंद (राव दिलीप सिंह) देश-दुनिया  इस समय अभूतपूर्व संकट के दौर से गुजर रहे है ! स्वास्थ्य आपदा व उससे जुड़ी आर्थिक आपदा ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को संकटग्रस्त कर रखा है ! कोरोना वायरस कोविद-19 के संक्रमण ने पूरी दुनिया को लॉक-डाउन की स्थिति में डाल दिया है ! इस समय आपसी दूरी या सामाजिक दूरी को ही एकमात्र मंत्र के रूप में शासन-प्रशासन के द्वारा स्थापित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है ! जबकि विश्व की दूसरे नंबर की घनी आबादी वाले भारत देश में, जहां जनघनत्व 420 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर, अन्य राष्ट्रों की तुलना में चीन में 148 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से काफी अधिक है ! अधिक जनसंख्या घनत्व के चलते, इस वैश्विक महामारी के सामाजिक स्तर पर संक्रमण की काफी प्रबल संभावनाएं बन जाती हैं , जिससे निजात पाने के लिए देश में स्वास्थ्य  सेवाएं नाकाफी है ! यदि कोरोना वायरस कम्युनिटी स्तर( सामाजिक स्तर) पर फैल जाएगा तो स्थिति भयावह हो जायेगी !

देश में स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफी

केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के आधार पर, देश में 84000 लोगों पर सिर्फ एक आइसोलेशन बैड, 36000 लोगों पर एक क्वॉरेंटाइन बैड, 11600 लोगों पर एक डॉक्टर तथा 1826 लोगों पर एक बैड उपस्थित है, जो इस कोरोना रूपी सुनामी से निपटने के लिए एक अपर्याप्त स्वास्थ्य सेवा है !                

संकल्प एवं संयमित जीवन के साथ, सुविधाएं भी जरूरी

सैनिटाइजर, साबुन, मास्क, शुद्ध पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित करवाई जानी चाहिए थी, ताकि इस भयावह कोरोना के भय से कुछ हद तक मुक्ति मिल पाती ! और जनता से 65% कर का हिस्सा लेने वाली केंद्र सरकार को अपना फर्ज निभाना चाहिए !     

गैर सरकारी संगठनों को होना होगा, सक्रिय व समर्पित

संपूर्ण देश में लॉक - डाउन व कर्फ्यू की स्थिति में वर्षों से शासन-प्रशासन  द्वारा सरकारी अनुदान उठा रहे राजसमंद जिले के दर्जनों गैर-सरकारी संगठनों को , अब सामाजिक सरोकार निभाने के लिए आगे आना चाहिए तथा जिले के सभी 7 ब्लॉकों में , जहां स्वास्थ्य एवं शैक्षिक स्तर  संपूर्ण प्रदेश में निम्न स्तर पर है , उन वंचितों को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ  उनको संबलन प्रदान करने के लिए आगे आना चाहिए ! ताकि मेहनतकश, अल्प शिक्षित व कुपोषित जनता, विशेषकर विधवा ,दिव्यांग , पालनहार आश्रित के साथ ही  आदिवासी, भील, गमेती, गरासिया व बागरिया जातियां जिनमें घरेलू नुक्से, देवी-देवताओं , आराध्य देव के आशीर्वाद के साथ-साथ, शासन-प्रशासन तथा गैर सरकारी  संगठनों  द्वारा  उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेकर, इस महामारी से बच सकें !    

जिलाधीश कार्यालय- राजसमंद की पहल मानवता पूर्ण

राजसमंद जिलाधीश अरविंद कुमार पोसवाल द्वारा गरीब एवं वंचित वर्ग के लिए 5000 भोजन पैकेट की व्यवस्था करना, एक सच्चे लोग-सेवक  की भूमिका का उत्तम उदाहरण  है तथा समय-समय पर जिला प्रशासन द्वारा एडवाइजरी जारी कर, लोगों में विश्वास पैदा करने का एक अनुकरणीय प्रयास किया है ! जिला प्रशासन को चाहिए कि जिले में सर्वाधिक गैर सरकारी संगठनों की सक्रियता को सेवार्थ निर्देशित कर  उनका इस महामारी  से लड़ने में सहयोग देना सुनिश्चित करवाया जावे !

भौगोलिक रूप से जटिल क्षेत्रों में भी निगरानी की आवश्यकता

राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ व खमनोर ब्लॉक में , जहां प्रति परिवार एक से अधिक व्यक्ति रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य राज्यों में प्रवाशन के लिए मजबूर हैं ! इस महामारी के भयानक संक्रमण और भय के कारण ,वे अपने घरों की ओर लौट रहे हैं ! इसलिए बाहर से आने वाले इन लोगों को चिन्हित करके , इनमें संक्रमण की जांच करवा कर , दूरदराज के जटिल भौगोलिक क्षेत्रों में बसे, इनके परिवारों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाना होगा ! साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेजकर , उन्हें वास्तविक स्वास्थ्य सेवाएं देनी होंगी !                              

सरकार व प्रशासन द्वारा इस गंभीर संकट को भगवान भरोसे ना छोड़ा जावे

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत की टेस्टिंग स्थिति, इस महामारी से पीड़ित अन्य देशों की तुलना में निम्न स्तर पर है ! स्वास्थ्य की दशा में भी भारत का 107 वां स्थान , यह प्रदर्शित करता है कि महामारी के रूप में जब यह संकट उत्पन्न होगा तो भारत में यह महामारी प्रलय के रूप में अपना आतंक मचा सकती है, जिसकी परिकल्पना मात्र से ही मानव की रूह कांप उठती है !  अतः शासन प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए, इस भयावह त्रासदी में आमजन को भगवान भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए और हरसंभव उनके लिए स्वास्थ्यवर्धक प्रयास करने चाहिए !                       

राजसमंद राजस्थान का सबसे पिछड़ा क्षेत्र जहां संक्रमण की संभावना अधिक

स्वास्थ्य एवं शैक्षिक  रिपोर्ट की प्रति माह जारी होने वाली सूची में राजसमंद जिला अंतिम पायदान पर आता है ! प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक रूप से संपन्न जिला होने की वजह से राजसमंद में देश-विदेश से पर्यटक काफी तादात में आते व ठहरते  हैं जिनकी स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था आज तक नहीं अपनाई गई है ! मेवाड़ का मेवाड़ क्षेत्र का जनमानस रोजगार की तलाश  अन्य राज्यों में  अनवरत रूप से  जाता रहता है ! जहां संक्रामक बीमारियों का आमंत्रण व संक्रमण आसानी से संभव हो पाता है ! अतः इस प्रकार की महामारी के फैलाव के बीच सतर्कता एवं सचेतता बरतना बहुत ही जरूरी हो जाता है !

राजस्थानियों का अन्य की तुलना में , प्रतिरक्षा तंत्र अधिक मजबूत

राजस्थान का व्यक्ति अधिक मेहनत कश व अधिक  वाले क्षेत्र में जीवन यापन करता है , जिससे उसके शरीर में प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा , अन्य ठंडे प्रदेशों वाले राज्यों की तुलना में अधिक होती है ! लेकिन स्वास्थ्य एवं शैक्षिक स्तर कमजोर होने के कारण, संक्रमण का अंदेशा ज्यादा है ! राजस्थानी समाज पाश्चात्य समाज की तुलना में अधिक सामाजिक है, साथ ही मानव आबादी की बसावट में आवासों के मध्य  की दूरी भी कम है ! जिससे  यह डर या अंदेशा है कि  कोविद-19 महामारी, एक प्रलयकारी मानव आपदा के रूप में साबित ना हो जाए  !       /*

सरकार द्वारा घोषित लॉक डाउन एवं कर्फ्यू  प्रभाव

वैश्विक महामारी कोविड -19 के भय को देखते हुए राज्य सरकारों द्वारा , इस प्रकार लॉक डाउन एवं कर्फ्यू का  प्रभाव समाज के विधवा , दिव्यांग,  गरीब, बेघर, दैनिक श्रमिक, व छोटे कारोबारियों पर होगा ! अतः इन तबकों के लिए शासन और प्रशासन द्वारा ठोस रोडमैप तथा कार्य योजना तैयार कर, उन्हें आर्थिक पैकेज देना सुनिश्चिती करना चाहिए ! केंद्र व राज्यों की सरकारों को राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर, संपूर्ण भारत की त्रासदी से जूझ रहे आमजन को अतिशीघ्र सहायता व संबलन पहुंचाना चाहिए ! यह समय , इस भयावह त्रासदी लड़ने के लिए पक्ष-विपक्ष  व संपूर्ण भारतीय जनमानस का एकजुट होकर प्रयास करने का है और हम सबको मिलकर, कोरोना को हराने का संकल्प लेना है !    

इनका कहना है

शिक्षकों द्वारा राष्ट्रहित में सर्वे कार्य करने के लिए उचित जानकारी एवं बचाव हेतु मास्क दस्ताने आदि देकर घर-घर भेजना चाहिए

नारायण सिंह चुण्डावत जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष राजसमंद

कोरोना संक्रमण सर्वे में लगे शिक्षकों को बचाव ही उपाय के तहत मिले सुविधा

कैलाश समोता राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय उपशाखा अध्यक्ष कुंभलगढ़

कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी मेें भी लंबी दूरी की पंचायत गोवल में दोनों ही उप स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं उन्हें सरकार द्वारा तुरंत चालू करने चाहिए

कैलाश कंवर सरपंच ग्राम पंचायत गोवल आमेट

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