माण्डल विधानसभा में सरपंच का दंगल, इन नामों की है चर्चा...

माण्डल विधानसभा में सरपंच का दंगल, इन नामों की है चर्चा...

  2019-12-30 12:44 pm

भीलवाडा (भूपेन्द्र औझा) पंचायत राज चुनाव की चौसर बिच्छ चुकी हैं। गांव में कौन-कौन खड़ा हो रहा है! जीतेगा-हारेगा, की चर्चा चल पड़ी है। आसीन्द विधानसभा क्षेत्र की दोनों पंचायत समिति आसीन्द-हुरड़ा में आठ जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की बाट देख रहे है।

माण्डल में तो सर मुण्डाते ही औले पड़े ! लाटरी खुली-सामान्य वर्ग की और सभी के चुनाव लडऩे की! दावेदार खुश ! उम्मीदवार बांहे चढ़ायें तैयार! चुनाव की तारीख का ऐलान हुआ और जोश ठंडा! अब यहां भी आठ जनवरी का इन्तजार।

बात माण्डल की चली है तो शुरूवात यही से करते हैं। दिक्कत अनुसूचित जाति-जनजाति समुदाय बाबत आरक्षित पदों पर है। मौजूदा समय पांचवें आरक्षण रोस्टर क्रम से लाटरी निकाली। अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए आरक्षण आबादी अनुपात से होता हैं। शुरूआत में आरक्षण करीब बीस से पच्चीस फीसदी अनुसूचित जाति-जनजाति समुदाय के आबादी वाले गांवो में हुआ और अभी पांचवें आरक्षण क्रम में दस से भी कम पर एसी-एसटी आरक्षण हो गया। इसमें परेशानी जीतने वाले उम्मीदवारों को  गांव में करीब नब्बे फीसदी अन्य वर्ग के मतदाताओं को अपने पक्ष में साधने की है। ऐसा आलम जिले मे कई जगह अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के सुरक्षित सरपंच-पंच पद पर हैं।

माण्डल पंचायत समिति में खासी हलचल किसी भी वर्ग के आरक्षण से वंचित सामान्य वर्ग सरपंच पद वाली ग्राम पंचायत में है। सभी पूर्व चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे। जोरावरपुरा पंचायत मे मौजूदा सरपंच रोशन हरिजन फिर चुनाव लडऩे की कवायद कर रहे। यह गुर्जर-जाट बाहुल्य है ओर पूर्व सरपंच गोपी लाल गुर्जर ,सावरमल जाट,रामलाल जाट अपने पक्ष मे मतदाता को जुटाने में लग गये। सुरास मेें सरपंच पति महेन्द्र पाल सिंह जोनी बन्नाÓ जनसंपर्क मे जुट गये महेंद्र पाल सिंह खुद भी सरपंच रह चुके। रोशन जाट अपने लिये मतदाताओं को लुभाने मे लग गये।इनकी माताश्री भी पहले सरपंच रह चुकी। भीमडिय़ास पंचायत में मौजूदा सरपंच भवानी पाल सिंह अभी फिर चुनाव लडऩे का कम मानस रख रहे तो राजनेता इनके बड़े भाई पूर्व जिला परिषद सदस्य दुर्ग पाल सिंह को यहां सरपंच पद का चुनाव लड़ाने की कोशिस कर रहे। भगवानपुरा के सरपंच गणपत सिंह के तीन संतान विवाद की खासी चर्चा से वह अपने बेटी-बेटे को सरपंच चुनाव लडाने की फिराक में है। यहां पूर्व पंचायत समिति सदस्य श्रीमती रतन प्रभा (भगवानपुरा ठाकुर महेन्द्र सिंह की धर्मपत्नी) के सरपंच चुनाव लडऩे की बड़ी चर्चा है। घोड़ास में सरपंच कल्ला कँवर अपने भाई गजराज सिंह को तो, पूर्व उपसरपंच पप्पू सिंह, वकील संजय सारण भी अपने लिए जनसंपर्क कर रहे। घोड़ास पंचायत में गुर्जर निर्णायक है। सामान्य वर्ग महिला बाबत सुरक्षित हुई पंचायत में पंचायत राज पदों पर रहे नेता अपने परिवार की महिला को चुनाव लडऩे मे पीछे नहीं रह रहे। अमरगढ़ सामान्य महिला सरपंच आरक्षित पंचायत में पूर्व सरपंच जगदीश सुवालका अपने परिवार की महिला को चुनाव लड़वाने की तैयारी कर रहे है, वहीं किशन सिंह अपनी पत्नी को। मेजा मे पूर्व सरपंच छोटू सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती चन्द्रमणी और युवा नेता नरेश धाबाई की पत्नी श्रीमती शान्ता देवी चुनाव मैदान में है। अन्य पिछड़ा वर्ग  सरपंच पद पंचायत पर भी चुनावी हलचल कम नहीं है। बड़े गांव बागोर का सरपंच पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये सुरक्षित हुआ है और पूर्व सरपंच कालूलाल जाट ने अपना प्रचार चालू कर दिया। यहां भाजपा जिला परिषद सदस्य रामेश्वर जाट ओर भाई छोटू जाट में जीत-हार पक्ष जानने की कवायद कर रहे। पंचायत समिति सदस्य राकेश सेन चुनाव लडऩे को तैयार है। यहां खासा मुस्लिम समुदाय का मत निर्णायक रहेगा। पहले बागौर मे रफीक भाई  सरपंच चुनाव में अच्छे वोट बटौर चुके है।

news news news news news news news news