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एएसआई 15 हजार रुपये की रिश्वत  लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार

 एएसआई  15 हजार रुपये की रिश्वत  लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार

 झुंझुनूं  में सीकर एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक एएसआई (ASI) को 15 हजार रुपये की रिश्वत  लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. खास बात यह है कि यह शिकायत एक रिटायर्ड फौजी ने की थी, जो पहले से ही सालों से अपने पारिवाकर झगड़ों से परेशान था और आर्मी से वीआरएस ले चुका था. जो एएसआई गिरफ्तार किया गया है, उसका भी सात महीने बाद रिटायरमेंट होने वाला था.

सीकर एसीबी के डीएसपी जाकिर अख्तर ने बताया कि गुढ़ागौड़जी थाना इलाके के रघुनाथपुरा गांव निवासी रामप्रताप ने सीकर एसीबी में शिकायत की थी कि उसकी पत्नी और दो साल की बेटी के साथ 28 अगस्त को परिवार के ही लोगों ने मारपीट की थी. इस मामले की जांच भोड़की चौकी प्रभारी एएसआई रामस्वरूप के पास थी. वह लगातार मामले में कार्रवाई ना करने के लिए टालमटोल कर रहा था, जिसके बाद पिछले दिनों एएसआई ने उससे मामले में मदद करने और उसकी पत्नी के 164 में बयान करवाने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी.

इसके बाद रामप्रताप ने सीकर एसीबी में इसकी शिकायत की थी. दो दिन पहले 10 नवंबर को शिकायत का सत्यापन करवाया तो सौदा 30 हजार रुपये में तय हुआ. उस दौरान एएसआई ने पीड़ित से पांच हजार रुपये ले लिये. शेष पैसे आज देने थे. रामप्रताप 15 हजार रुपये लेकर गया तो एएसआई ने वो पैसे ले लिए और एसीबी की टीम ने चौकी में ही आरोपी को दबोच लिया. कार्रवाई देर शाम को हुई. उसके बाद अंधेरा होते ही चौकी पर भी हंगामा हो गया.
परिवादी रामप्रताप ने बताया कि वह आर्मी में था, लेकिन उनके परिवार का झगड़ा इतना हो गया था कि आए दिन मुकदमेंबाजी होती थी. इससे परेशान होकर साल भर पहले उसने नौकरी से वीआरएस ले लिया.
परिवादी रामप्रताप ने बताया कि उनके ही परिवार में एक महिला पुलिस में कांस्टेबल है, जिसके कारण उनके साथ होनी वाली घटनाओं के मामले दर्ज करवाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती. सालभर पहले उसने इसकी शिकायत आईजी तक की थी, जिसके बाद कुछ राहत थी, लेकिन अब हालात फिर से ज्यों के त्यों हो गये.

आरोपी एएसआई रामस्वरूप को शनिवार को जयपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा. एसीबी सीकर की टीम में ट्रेप कार्रवाई सीआई सुरेशचंद्र के नेतृत्व में की गई. जिसमें रोहिताशसिंह एचसी, राजेंद्र प्रसाद एलसी, सुशीला एलसी, मूलचंद, रामनिवास, दयालसिंह, दिलीपकुमार कांस्टेबल, सुरेंद्र कुमार वरिष्ठ सहायक शामिल थे.