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फिलहाल इनमें नहीं हैं प्रतिभाओं की रूचि

 फिलहाल इनमें नहीं हैं प्रतिभाओं की रूचि

बोर्ड परीक्षाओं में जहां किसी जमाने में प्रतिभाएं ७०-७५ प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में टॉपर बन जाती थी। उस समय भी प्रतिभाओं का सपना आईएएस, आरएएस, इंजीनियर, डॉक्टर और सीए बनने तक सीमित था और अब जब प्रतिभाएं परीक्षा में ९० से ९७-९८ प्रतिशत अंक अर्जित कर शानदार सफलता की ओर है, लेकिन उनका सपना भी आईएएस, आरएएस, इंजीनियर, डॉक्टर और सीए बनने से आगे नहीं बढ पाया है। जिले में अब भी अधिकांश छात्र-छात्राएं बारहवीं उत्तीर्ण करने के बाद इन्ही लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। जबकि देश और प्रदेश में खिलाड़ी, ख्याख्याता, कलाकार, व्यापारी, सैनिक आदि भी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हंै, लेकिन प्रतिभाओं की रूचि फिलहाल इनमें नहीं हैं। अब भी कोई प्रतिभा व्याख्याता, कलाकार या खेल के क्षेत्र में आगे बढने की बात नहीं करती। हाल ही में जारी हुए बोर्ड परीक्षा परिणामों में भी यही देखने को मिला। प्रतिभाओं से जब उनके लक्ष्य के बारे में पूछा गया तो अधिकांश का जवाब डॉक्टर, इंजीनियर, सीए बनने का ही था। प्रतिभाएं खेलों को पसंद तो करती है लेकिन खिलाड़ी बनने का उनका सपना नहीं है। प्रतिभाएं कलाकार, व्यवसायी बन कर भी सफलता का कीर्तिमान रच सकती है।

अभिभावकों की सोच का अनुसरण
प्रतिभाओं का सपना अब भी डॉक्टर, इंजीनियर या अफसर बननने तक सीमित होने के पीछे कारण तलाशने के लिए जब शिक्षाविदों से चर्चा की तो कई कारण सामने आए। ंमुख्य कारण प्रतिभाओं द्वारा अभिभावकों की पारम्परिक सोच का अनुसरण करना है। अभिभावक बचपन से ही बच्चों को एक ही सपना दिखाते हैं कि उन्हें बड़े होकर अफसर, इंजीनियर, डॉक्टर और सीए ही बनना है। खिलाड़ी, कलाकार, व्यवसायी बनने के लिए कोई भी बच्चों को प्रोत्साहित ही नहीं करता। इसके अलावा समाज में आज भी डॉक्टर, इंजीनियर, अफसर को बड़ा माना जाता है। बदलते जमाने के हिसाब से प्रतिभाओं में सही मार्गदर्शन की कमी होना भी एक वजह के रूप में सामने आया है।

बच्चों में जागरुकता की कमी
सफलता हर क्षेत्र में मौजूद है। बच्चों की काउंसलिंग नहीं होने से उनको अन्य क्षेत्रों के बारे में जानकारी नहीं होती। कई अभिभावक बच्चों की रूचि पर ध्यान नहीं देकर अपनी मर्जी से दूसरे फील्ड में भेज देते हंै, जिससे प्रतिभाओं को मनमाफिक सफलता नहीं मिल पाती। ग्रामीण क्षेत्रों में यह बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही है। कई प्रतिभाएं बड़ी डिग्रियां लेने के बाद भी बेरोजगार है, लेकिन कई युवा खेलों सहित अन्य क्षेत्रों में कौशल दिखा रहे हैं। प्रतिभाएं विभिन्न क्षेत्रों में जाए इसके लिए हमे अपनी सोच बदलनी होगी। आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए के अलावा भी अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अच्छे विकल्प है।